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1 online resource (208 p.)
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ख़ुद से झूठ तो मत बोलो एक प्रेरणादायक किताब है, जो आत्म-साक्षात्कार और आत्म-विकास पर केंद्रित है। यह किताब हमें यह समझने में मदद करती है कि हम अक्सर अपने जीवन में ख़ुद से झूठ बोलते हैं—जैसे कि हम ख़ुश हैं, हम मज़बूत हैं या हमें किसी बदलाव की ज़रूरत नहीं है। लेखक हमें यह सिखाते हैं कि अपने अंदर की सच्चाई को स्वीकार करना ही असली शक्ति है। इस किताब में बताया गया है कि कैसे हम सामाजिक अपेक्षाओं, डर और असुरक्षा के चलते एक नकली जीवन जीने लगते हैं। लेखक ईमानदारी, आत्म-जागरूकता और बदलाव के महत्त्व पर ज़ोर देते हैं। वे सरल उदाहरणों और व्यावहारिक सलाह के ज़रिए पाठकों को ख़ुद के प्रति सच्चे रहने की प्रेरणा देते हैं। ख़ुद से झूठ तो मत बोलो एक ऐसा मार्गदर्शक है, जो आपको अंदर से मज़बूत बनाता है और आत्म-विश्वास से भरा जीवन जीने की दिशा में ले जाता है। यह किताब पढ़कर पाठक ख़ुद को एक नए नज़रिए से देखना शुरू करते हैं।
General adult
Format: eBook
Mode of access: World Wide Web